
3D-printer एक कम्पुयटर द्वारा निर्मित ( computer-aided manufacturing (CAM)) device होता है जो की three-dimensional objects create करता है.
आपने 2D इमेज के बारे में तो सुना होगा जिसका मतलब है दो dimensional जिसको आप दो तरफ से देख सकते हैं. इसी प्रकार से 3D इमेज होती हैं 3D का मतलब होता है 3 Dimensional मतलब इसमें इमेज को तीन तरफ से देखा जा सकते है, सामान्य रूप से हम किसी भी इमेज की केवल लम्बाई तथा चौड़ाई ही देख सकते हैं लेकिन 3D इमेज में हम इमेज की गहराई को भी देख सकते हैं। आशचर्यजनक बात ये है कि ऐसी इमेज देखने में बिलकुल वास्तविक दिखाई देती है|
ये भी एक सामान्य printer के तरह ही, digital data को receive करता है एक computer से input के तोर पर. वहीँ ये output को एक paper के ऊपर print करने के स्थान में, एक 3D printer तैयार करता है एक three-dimensional model वो भी उसके पास मौजूद custom material से.
3D Printer क्या होता है ? What is a 3D printer? (in Hindi)
3D Printer यानि three dimensional Printer है जो किसी Object को उसी जैसा print कर सकता है जैसे की mobile cover ,statue, face mask, Girlfriend के लिए bracelet,mom के लिए sandal, hand bag आदि सब कुछ हम 3D Printer की सहायता से बना सकते है लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है3D printer से एक घर भी बनाया जा सकता है , 3D printer छोटे से छोटे और बड़े से बड़े size में उपलब्ध है 3D Printing एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिससे 3 Dimensional Object बनाया जाता है इसे additive manufacturing भी कहते है
3D Printer अनेक प्रकार के होते हैं, प्रयत्येक 3D Printer की Working अलग होती है Normal 3D printer जो सस्ते अथवा market में आसानी से उपलब्ध है उनकी Working में आपको बता रहा हूँ सबसे पहले जिस भी Object को बनाना होता है उसे हम Auto-CAD या किसी अन्य 3D modeling Software में Design करना होता है और इस File को save करके 3D printer Support Software में Import करते है, यहाँ से print command दिया जाता है और आपका मॉडल तैयार हो जाता है जो बिल्कुल वास्त्विक लगता है
3D- Scanner जो किसी भी Object की 3D image scan करता है और फिर उस file से Direct प्रिंट निकाल देता है
जैसे की CURA Software जो कंप्यूटर के लिए आसानी से मिल जाता है।
यह कैसे काम करता है? How does it work? (in Hindi)
सबसे पहले, object का virtual डिज़ाइन बनाया जाता है। यह डिज़ाइन 3D-Printer को पढ़ने के लिए ब्लूप्रिंट का काम करता है। वर्चुअल डिज़ाइन कंप्यूटर-एडेड डिज़ाइन (CAD) software का उपयोग से किया जाता है, यह एक प्रकार का software होता है जो ड्राइंग इमेज और तकनीकी इमेज बना सकता है। एक 3D-Scanner का उपयोग करके एक virtual डिज़ाइन को भी बनाया जा सकता है, जो विभिन्न कोणों से तस्वीरें लेकर वस्तु की एक प्रति बना देता है।Virtual model बनने के बाद, इसे printing के लिए तैयार किया जाता है। स्लाइसिंग नामक प्रक्रिया के उपयोग से मॉडल को कई परतों में तोड़ दिया जाता है। स्लाइसिंग मॉडल लेती है और इसे विशेष software के उपयोग से सैकड़ों या हजारों पतली, परतों में स्लाइस कर देती है।
Model को स्लाइस करने के बाद, स्लाइस 3D-Printer पर अपलोड करने के लिए तैयार होती है। 3D-Printer पर कंप्यूटर से मॉडल को स्थानांतरित करने के लिए यूएसबी केबल या वाई-फाई कनेक्शन का उपयोग करके किया जाता है। जब फ़ाइल 3D-Printer पर अपलोड की जाती है, तो यह मॉडल के प्रत्येक टुकड़े को पढ़ती है और परत दर परत को प्रिंट करती है। इसके बाद 3D-Printer प्लास्टिक या बताये गए किसी दूसरे मैटेरियल का इस्तेमाल करके उस object का बिलकुल हूबहू मॉडल तैयार कर देता है।
आप किसी भी 3D- Printer Store या Dealer से 3D- Printer खरीद सकते हैं या Online भी खरीद सकते हैं 3D- Printer large Scale के भी होते हैं जिनसे बड़ी-बड़ी चीज़ें बनाई जाती हैं ये Production Department के काम आती हैं यदि आप कोई 3D-Printer खरीदना चाहते है तो 200*200*200 साइज़ का 3D-Printer आपके लिए पर्याप्त है।
यह 3D-Printer India में online 25,000/ rs तक मिल जाते हैं और यदि आप China से खरीदते हैं तो यह 15,000/ rs तक मिल सकते ।


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